मेरे सूने आँगन में आज हँसी गूँज उठी

सुबह खिलने से ठीक पहले इन्हें देखा एक खूबसूरत दिन का वादा मुझसे करते हुए.Image Image

और झूटा नहीं था वो.वादा.

Image

बादल आ गए . . .

बादल आ गए . . .

इन ‘काली-कजरारी’ घटाओं को यूं उमड़ते-घुमड़ते आज की अंधियारी सुबह देखा और गन्धर्व यद आये, मेघों जैसे गहन-गंभीर स्वर में कहते “अवधूता . . . गगन घटा गहरायी . . . हो. . . ” और मन भर आया.